॥ तापवाणी ज्योतिष ॥

सत्यम् वद धर्मम् चर

गणना जारी...

उत्तरा फाल्गुनी ☀️

"प्रतिष्ठा का प्रकाश, अर्यमा का संरक्षण और वह वैवाहिक बंधन जो समय की कसौटी पर अमर रहता है।"

स्वामी ग्रह

सूर्य (The Sun)

अधिपति देवता

अर्यमा (Aryaman)

प्रतीक

पलंग के दो पायें

राशि

सिंह - कन्या

12

१. उत्तरा फाल्गुनी: दयालु राजा का नक्षत्र

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र आकाश मंडल का १२वां नक्षत्र है। यह नक्षत्र सिंह राशि के उत्तरार्ध और कन्या राशि के पूर्वार्ध में स्थित है। खगोल विज्ञान में इसे 'डेनेबोला' (Denebola) के रूप में जाना जाता है, जो सिंह राशि की पूंछ का तारा है।

अधिपति देवता अर्यमा: इसके देवता अर्यमा हैं, जो मित्रता, न्याय और महान संरक्षण के प्रतीक हैं। वे पितृों के प्रमुख हैं जो विवाह की संधियों और सामाजिक नियमों की रक्षा करते हैं। यही कारण है कि उत्तरा फाल्गुनी जातक समाज के प्रति बहुत जिम्मेदार होते हैं और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं।

प्रतीक का रहस्य: इसका प्रतीक 'पलंग के दो पिछले पायें' हैं। यह पूर्वा फाल्गुनी (जो आराम का नक्षत्र है) के बाद आता है और स्थिरता (Stability) का प्रतिनिधित्व करता है। यह वह समय है जब जातक आराम से उठकर अपने सामाजिक कर्तव्यों को पूरा करने के लिए तैयार होता है।

॥ चरणों का सूक्ष्म विश्लेषण ॥

प्रथम चरण (धनु नवांश)

राशि: सिंह | स्वामी: बृहस्पति

यह चरण जातक को अदम्य साहस और उच्च ज्ञान देता है। जातक धर्म और न्याय के पथ पर चलने वाला एक सशक्त नेता बनता है।

द्वितीय चरण (मकर नवांश)

राशि: कन्या | स्वामी: शनि

यहाँ जातक अत्यंत अनुशासित और व्यावहारिक होता है। वह संगठन चलाने और कठिन कार्यों को पूर्ण करने में माहिर होता है।

तृतीय चरण (कुंभ नवांश)

राशि: कन्या | स्वामी: शनि

यह चरण मानवीय सेवा और वैज्ञानिक शोध का है। जातक समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज़ बनता है और महान विचारक होता है।

चतुर्थ चरण (मीन नवांश)

राशि: कन्या | स्वामी: बृहस्पति

यह सबसे दयालु और आध्यात्मिक चरण है। जातक अपनी बुद्धिमत्ता का प्रयोग दूसरों के दुखों को दूर करने के लिए करता है।

३. करियर: सूर्य का शासन और बुद्ध की कुशलता

न्याय एवं प्रशासन

उच्च सरकारी पद, न्यायाधीश (Judges) और कानून प्रवर्तन में ये जातक असाधारण कार्य करते हैं।

परोपकार एवं NGOs

समाज सेवा के क्षेत्रों और बड़ी परोपकारी संस्थाओं का नेतृत्व करने के लिए यह नक्षत्र श्रेष्ठ है।

रियल एस्टेट एवं विवाह

संपत्ति का प्रबंधन और विवाह संबंधी व्यवसायों में इन्हें सूर्य की कृपा से अपार धन मिलता है।

४. नक्षत्र वृक्ष: पाकड़ (Ficus Rumphii)

उत्तरा फाल्गुनी का आराध्य वृक्ष पाकड़ है। यह वृक्ष दीर्घायु और मज़बूत जड़ों का प्रतीक है, जो इस नक्षत्र की स्थिरता को दर्शाता है।

  • इस वृक्ष की सेवा से सूर्य के दोष दूर होते हैं और मान-सम्मान बढ़ता है।
  • यदि नौकरी में बाधा आ रही हो, तो पाकड़ के वृक्ष में जल देना अत्यंत फलदायी है।
  • वास्तु अनुसार इसे घर के पास या सार्वजनिक स्थानों पर लगाना सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाता है।

॥ उत्तरा फाल्गुनी महा-उपचार ॥

☀️ आदित्य हृदय स्तोत्र: रविवार के दिन इसका पाठ करने से शत्रुओं पर विजय और प्रशासनिक सफलता मिलती है।

🤝 दान धर्म: गरीबों को गेहूँ और लाल मसूर की दाल का दान करना भाग्योदय कारक है।

🤱 पितृ सेवा: अर्यमा देवता के निमित्त अमावस्या को तर्पण करना घर में शांति लाता है।

🕉️ बीज मंत्र: "ॐ ह्रीं" या "ॐ उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्राय नमः" का १०८ बार जाप करें।