॥ तापवाणी ज्योतिष ॥

सत्यम् वद धर्मम् चर

गणना जारी...

श्रवण नक्षत्र ✨

"सुनने से उपजा ज्ञान, विष्णु के तीन पगों की शक्ति और वह मौन जिसमें ब्रह्मांड के समस्त उत्तर छिपे हैं।"

स्वामी ग्रह

चंद्रमा (Moon)

अधिपति देवता

विष्णु

प्रतीक

तीन पग / कान

राशि

मकर (Capricorn)

22

१. श्रवण: सुनने की दिव्य शक्ति

श्रवण नक्षत्र आकाश मंडल का २२वां नक्षत्र है, जो पूरी तरह से मकर राशि में स्थित है। खगोल विज्ञान में इसे 'अल्टेयर' (Altair) तारे के रूप में जाना जाता है। 'श्रवण' का अर्थ है सुनना। यह नक्षत्र हमें सिखाता है कि महान बनने के लिए पहले एक महान श्रोता (Listener) बनना आवश्यक है।

भगवान विष्णु और तीन पग: इसके अधिपति साक्षात भगवान विष्णु हैं। इसका प्रतीक "तीन पग" वामन अवतार की याद दिलाता है, जिन्होंने तीन पगों में पूरा ब्रह्मांड नाप लिया था। इसी कारण श्रवण जातक में भी धीरे-धीरे लेकिन निरंतर प्रगति करने की असीम क्षमता होती है।

ज्ञान और मौन: यह नक्षत्र मौन और ध्यान से जुड़ा है। श्रवण जातक शब्दों के पीछे छिपे अर्थों को समझने में माहिर होते हैं। इन्हें अक्सर 'सीखने वाला नक्षत्र' भी कहा जाता है क्योंकि इनका पूरा जीवन ज्ञानार्जन में बीतता है।

॥ चरणों का सूक्ष्म ज्ञानार्जन ॥

प्रथम चरण (मेष नवांश)

स्वामी: मंगल | शक्ति: तर्क और साहस

यहाँ जातक बहुत ही बुद्धिमान और तार्किक होता है। वह अपने ज्ञान का उपयोग लक्ष्यों को प्राप्त करने और चुनौतियों का सामना करने में करता है।

द्वितीय चरण (वृषभ नवांश)

स्वामी: शुक्र | शक्ति: कूटनीतिक व्यवहार

जातक बहुत ही व्यावहारिक और कूटनीतिज्ञ होता है। वह कला, संगीत और सुख-सुविधाओं के प्रति गहरा लगाव रखता है और व्यावसायिक सफलता पाता है।

तृतीय चरण (मिथुन नवांश)

स्वामी: बुध | शक्ति: भाषा और संचार

यह चरण जातक को कई भाषाओं का ज्ञाता और कुशल वक्ता बनाता है। लेखन, संपादन और मीडिया के क्षेत्रों में ये जातक शिखर छूते हैं।

चतुर्थ चरण (कर्क नवांश)

स्वामी: चंद्रमा | शक्ति: करुणा और सेवा

यह सबसे पवित्र और आध्यात्मिक चरण है। जातक दूसरों की पीड़ा को सुनने और उसे दूर करने वाला एक परोपकारी मार्गदर्शक बनता है।

३. करियर: विष्णु की स्थिरता और चंद्रमा का ज्ञान

शिक्षा एवं भाषा

प्रोफेसर, अनुवादक (Translators), और भाषा विज्ञानियों के रूप में श्रवण जातक विश्व प्रसिद्ध होते हैं।

मीडिया एवं पॉडकास्ट

सुनने और बोलने की कला के कारण ये बेहतरीन न्यूज़ एंकर, आरजे (RJ), और कथावाचक बनते हैं।

चिकित्सा एवं सेवा

मनोवैज्ञानिक, सलाहकार और आध्यात्मिक गुरुओं के रूप में ये समाज का मार्गदर्शन करते हैं।

४. नक्षत्र वृक्ष: मदार (अर्क)

श्रवण नक्षत्र का पवित्र वृक्ष मदार (Aak) है। इस वृक्ष का दूध और पत्ते भगवान शिव और गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं, जो श्रवण जातक की बुद्धि को तेज करते हैं।

  • चंद्रमा के दोषों को दूर करने के लिए मदार के वृक्ष की सेवा करना अत्यंत लाभकारी है।
  • यदि जीवन में भ्रम (Confusion) बढ़ रहा हो, तो इस वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें।
  • वास्तु अनुसार इसे घर के मुख्य द्वार के पास (बाहर की ओर) लगाना सुरक्षा प्रदान करता है।

५. छाया पक्ष: क्या सावधानियां बरतें?

श्रवण जातक को "गपशप" (Gossip) और दूसरों की बुराई सुनने से बचना चाहिए। चूंकि इनका कान बहुत सक्रिय होता है, इसलिए ये बहुत जल्दी नकारात्मक सूचनाओं से प्रभावित हो सकते हैं।

इन्हें मौन रहने का अभ्यास करना चाहिए। अत्यधिक सुनने से मन में विचारों का कोलाहल बढ़ सकता है, जिसे केवल ध्यान (Meditation) से ही शांत किया जा सकता है।

॥ श्रवण नक्षत्र महा-उपचार ॥

🕉️ विष्णु सहस्रनाम: प्रतिदिन इसका पाठ या श्रवण करना इस नक्षत्र के जातक के लिए साक्षात सुरक्षा कवच है।

🙏 मौन व्रत: सप्ताह में एक बार (विशेषकर सोमवार को) कुछ घंटों का मौन व्रत रखना आत्मशक्ति बढ़ाता है।

🕯️ सरस्वती पूजन: विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए माँ सरस्वती की आराधना अनिवार्य है।

🕉️ बीज मंत्र: "ॐ ह्रीं" या "ॐ श्रवण नक्षत्राय नमः" का नियमित १०८ बार जाप करें।