॥ तापवाणी ज्योतिष ॥

सत्यम् वद धर्मम् चर

गणना जारी...

कृत्तिका नक्षत्र 🔥

"आध्यात्मिक अग्नि का वह पुंज जो अज्ञानता का विनाश कर, आत्मा को सत्य की दीप्ति से आलोकित करता है।"

स्वामी ग्रह

सूर्य (The Sun)

अधिपति देवता

अग्नि (Agni)

प्रतीक

छुरा / कुल्हाड़ी

तत्व / गण

पृथ्वी-अग्नि / राक्षस

१. कृत्तिका: खगोलीय रहस्य एवं पौराणिक गाथा

कृत्तिका नक्षत्र खगोल विज्ञान में 'प्लिआडीज' (Pleiades) तारा समूह के रूप में जाना जाता है। इसे "सात बहनों" का समूह भी कहा जाता है। यह तारा मंडल वृषभ राशि की ग्रीवा (गर्दन) पर स्थित है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह २७ नक्षत्रों की सूची में तीसरा स्थान रखता है।

पौराणिक संदर्भ: इस नक्षत्र का सीधा संबंध भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय से है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब तारकासुर का अत्याचार बढ़ा, तब कार्तिकेय का जन्म हुआ। उनका पालन-पोषण छह कृत्तिकाओं ने किया था, इसीलिए उनका नाम 'कार्तिकेय' पड़ा। यह नक्षत्र पोषण और योद्धा गुणों का अद्भुत मिश्रण है।

अग्नि देव का प्रभाव: कृत्तिका के अधिपति देवता अग्नि हैं। अग्नि का स्वभाव है—जलाना और शुद्ध करना। जिस प्रकार स्वर्ण अग्नि में तपकर ही कुंदन बनता है, उसी प्रकार इस नक्षत्र में जन्मा जातक जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियों में तपकर एक महान व्यक्तित्व के रूप में उभरता है।

॥ चारों चरणों का गहन फल ॥

प्रथम चरण (मेष राशि)

नवांश: धनु | स्वामी: बृहस्पति

यह चरण जातक को उच्च विचार, धार्मिकता और अदम्य साहस प्रदान करता है। यहाँ सूर्य और गुरु की ऊर्जा मिलकर जातक को एक महान शिक्षक या मार्गदर्शक बनाती है।

द्वितीय चरण (वृषभ राशि)

नवांश: मकर | स्वामी: शनि

यह चरण जातक को भौतिकवादी, स्थिर और परिश्रमी बनाता है। यहाँ जातक अपने लक्ष्यों के प्रति बहुत जिद्दी होता है और व्यापारिक सूझबूझ में माहिर होता है।

तृतीय चरण (वृषभ राशि)

नवांश: कुंभ | स्वामी: शनि

यहाँ जातक की बुद्धि बहुत तीक्ष्ण होती है। वह मानवीय कल्याण और वैज्ञानिक अनुसंधानों में रुचि लेता है। समाज सुधारक बनने के गुण इसी चरण में मिलते हैं।

चतुर्थ चरण (वृषभ राशि)

नवांश: मीन | स्वामी: बृहस्पति

यह सबसे शांत और आध्यात्मिक चरण है। जातक दार्शनिक होता है और भौतिक संसार से हटकर मोक्ष और शांति की तलाश करता है।

३. व्यक्तित्व: प्रकाश और छाया पक्ष

सूर्य का प्रकाश (Strengths) ☀️

कृत्तिका जातक सत्य के लिए युद्ध करने वाला योद्धा है। इनकी ईमानदारी और स्पष्टवादिता ही इनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

  • निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता।
  • अपने परिवार और आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण।
  • किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को भस्म करने की आंतरिक शक्ति।

अग्नि का दाद (Shadow Side) 🌋

अत्यधिक तीक्ष्णता इन्हें दूसरों के प्रति कठोर और असंवेदनशील बना सकती है।

  • वाणी में अत्यधिक कड़वाहट।
  • अकारण क्रोध और चिड़चिड़ापन।
  • स्वयं को हमेशा सही साबित करने की जिद।

४. जीवन के विभिन्न आयाम

व्यावसायिक सफलता (Career) 💼

कृत्तिका जातक इंजीनियरिंग, सैन्य, चिकित्सा (विशेषकर सर्जरी) और राजनीति में उच्च शिखर छूते हैं। इन्हें धातु और अग्नि से संबंधित व्यापार में अत्यधिक लाभ होता है।

प्रेम और विवाह (Relationships) ❤️

ये जातक प्रेम में बहुत वफादार होते हैं, लेकिन इनका स्वाभिमान कभी-कभी रिश्तों के बीच आ जाता है। इनका जीवनसाथी अक्सर कलात्मक और धैर्यवान होता है।

स्वास्थ्य (Health) 🏥

इन्हें पित्त दोष, नेत्र विकार और सिरदर्द की समस्या रहती है। नियमित अंतराल पर आहार-विहार का ध्यान रखना इनके लिए अनिवार्य है।

॥ महा-निवारण एवं उपाय ॥

🕉️ गायत्री मंत्र: प्रतिदिन १०८ बार गायत्री मंत्र का जाप आपके आंतरिक सूर्य को तेजस्वी बनाता है।

🍚 लाल दान: मंगलवार को लाल मसूर और रविवार को गुड़ का दान करें।

🔱 कार्तिकेय स्तोत्र: शत्रुओं पर विजय के लिए कार्तिकेय स्तोत्र का पाठ अमोघ अस्त्र है।

💎 रत्न विज्ञान: ५ रत्ती का माणिक्य तांबे की अंगूठी में अनामिका उंगली में पहनना शुभ है (परामर्श अनिवार्य)।