हस्त नक्षत्र ✋
"सृजन की शक्ति, सविता का प्रकाश और वह मानसिक दृढ़ता जो मिट्टी को भी सोना बना देती है।"
स्वामी ग्रह
चंद्रमा (Moon)
अधिपति देवता
सविता (Savitar)
प्रतीक
बंद मुट्ठी / हाथ
राशि
कन्या (Virgo)
१. हस्त नक्षत्र: आपकी हथेली में छिपा भाग्य
हस्त नक्षत्र आकाश मंडल का १३वां नक्षत्र है, जो पूरी तरह से कन्या राशि में स्थित है। इसका प्रतीक 'बंद मुट्ठी' या 'खुला हाथ' है। यह नक्षत्र दर्शाता है कि हमारा भाग्य हमारे कर्मों (हाथों) में है। खगोल विज्ञान में इसे 'कोर्वस' (Corvus) तारा समूह के रूप में जाना जाता है।
देवता सविता: इसके अधिपति देवता सविता हैं, जो सूर्य देव का वह तेजस्वी रूप हैं जो हमें कर्म करने के लिए प्रेरित करते हैं। सविता देव बुद्धि को शुद्ध करते हैं (गायत्री मंत्र इन्हीं को समर्पित है)। इसी प्रभाव के कारण हस्त नक्षत्र के जातक असाधारण रूप से बुद्धिमान और चतुर होते हैं।
हाथों का जादू: हस्त नक्षत्र में जन्मे जातकों के हाथों में एक विशेष 'जादू' होता है। चाहे वह पेंटिंग हो, सर्जरी हो, कोडिंग हो या खाना बनाना—ये जो भी हाथ से करते हैं, उसमें पूर्णता (Perfection) होती है।
॥ चारों चरणों का सूक्ष्म प्रभाव ॥
प्रथम चरण (मेष नवांश)
स्वामी: मंगल | शक्ति: साहस और कर्म
यह चरण जातक को बहुत सक्रिय और ऊर्जावान बनाता है। जातक अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए किसी भी चुनौती को स्वीकार करता है।
द्वितीय चरण (वृषभ नवांश)
स्वामी: शुक्र | शक्ति: कलात्मक सौंदर्य
यहाँ जातक को कला और संगीत में गजब की पकड़ मिलती है। यह चरण आर्थिक मजबूती और भौतिक सुखों के लिए श्रेष्ठ है।
तृतीय चरण (मिथुन नवांश)
स्वामी: बुध | शक्ति: बुद्धिमत्ता
यह चरण व्यापार और हाज़िरजवाबी का है। जातक बहुत अच्छा व्यापारी, गणितज्ञ या संचारक (Communicator) बनता है।
चतुर्थ चरण (कर्क नवांश)
स्वामी: चंद्रमा | शक्ति: मानसिक शांति
यह सबसे भावुक चरण है। जातक दूसरों की भावनाओं को समझने वाला और परिवार के प्रति समर्पित होता है।
३. करियर: चंद्रमा की कल्पना और सविता का कौशल
हस्तशिल्प एवं सर्जरी
मूर्तिकला, आभूषण बनाना और जटिल शल्य चिकित्सा (Surgeons) में ये जातक विश्वप्रसिद्ध होते हैं।
परामर्श एवं ज्योतिष
अपनी तेज़ बुद्धि और विश्लेषण क्षमता के कारण ये बेहतरीन ज्योतिषी और मनोवैज्ञानिक बनते हैं।
ग्राफिक एवं आर्ट्स
डिजिटल आर्ट, डिजाइनिंग और एनिमेशन के क्षेत्र में इनकी रचनात्मकता का कोई विकल्प नहीं।
४. नक्षत्र वृक्ष: रीठा (Arishta)
हस्त नक्षत्र का पवित्र वृक्ष रीठा है। रीठा अपनी शुद्धिकरण और सफाई करने की शक्ति के लिए जाना जाता है, जो हस्त जातक की नकारात्मक विचारों को साफ करने की क्षमता को दर्शाता है।
- रीठा के वृक्ष की सेवा से मानसिक अशांति दूर होती है और एकाग्रता बढ़ती है।
- यदि जीवन में भ्रम की स्थिति हो, तो इस वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाना लाभकारी है।
- वास्तु अनुसार इसे घर की उत्तर दिशा में लगाना अत्यंत शुभ माना गया है।
॥ हस्त नक्षत्र महा-उपचार ॥
☀️ गायत्री जाप: सविता देव के लिए गायत्री मंत्र का १०८ बार जाप हस्त जातक का भाग्य बदल सकता है।
🥛 चंद्र सेवा: पूर्णिमा को खीर बनाकर गरीबों में दान करें, इससे मानसिक तनाव कम होगा।
🖐️ हस्त मुद्रा: प्रतिदिन ५ मिनट ज्ञान मुद्रा में ध्यान करना आपकी बुद्धि को और तीक्ष्ण बनाएगा।
🕉️ बीज मंत्र: "ॐ ह्रीं" या "ॐ हस्त नक्षत्राय नमः" का नियमित जाप करें।