अश्विनी नक्षत्र 🐎
"देवताओं के चिकित्सक और नई शुरुआत का प्रतीक"
स्वामी ग्रह
केतु (Ketu)
अधिपति देवता
अश्विनी कुमार
राशि
मेष (0° - 13°20')
प्रतीक
घोड़े का सिर
नक्षत्र परिचय
अश्विनी नक्षत्र आकाश मंडल का प्रथम नक्षत्र है। जैसा कि इसके नाम और प्रतीक (घोड़े का सिर) से स्पष्ट है, यह नक्षत्र गति, शक्ति और स्फूर्ति का प्रतिनिधित्व करता है। यदि आपका जन्म इस नक्षत्र में हुआ है, तो आप स्वाभाविक रूप से उत्साही और किसी भी कार्य को तेज़ी से शुरू करने वाले व्यक्ति हैं।
स्वभाव और व्यक्तित्व ✨
- 🚀 ऊर्जावान: आप हमेशा सक्रिय रहते हैं और आलस्य आपको पसंद नहीं है।
- 🧠 बुद्धिमान: आपकी निर्णय लेने की क्षमता बहुत तेज़ है।
- 🤝 मददगार: दूसरों की सेवा करना आपके स्वभाव में है (अश्विनी कुमारों का प्रभाव)।
- 🚩 स्वतंत्र: आप किसी के दबाव में काम करना पसंद नहीं करते।
करियर और आर्थिक स्थिति 💼
अश्विनी नक्षत्र के जातक निम्नलिखित क्षेत्रों में अपार सफलता प्राप्त करते हैं:
स्वास्थ्य (Health) 🏥
अश्विनी नक्षत्र के जातकों को आम तौर पर सिरदर्द, माइग्रेन या चोट लगने का डर रहता है। आपको अपनी आँखों और मानसिक शांति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। योग और प्राणायाम आपके लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
॥ ज्योतिषीय रामबाण उपाय ॥
🕉️ गणेश वंदना: प्रतिदिन गणेश जी की पूजा करें, यह केतु के दोषों को दूर करती है।
🐕 जीव सेवा: काले और सफेद कुत्ते को रोटी खिलाना आपके लिए भाग्योदय कारक है।
🌿 औषधि दान: बीमार व्यक्तियों को दवा का दान करना आपके कष्टों को हरता है।
💎 रत्न: सलाह लेकर 'लहसुनिया' (Cat's Eye) धारण करना शुभ हो सकता है।