॥ तापवाणी ज्योतिष ॥

सत्यम् वद धर्मम् चर

गणना जारी...

अनुराधा नक्षत्र ✨

"मित्रता का दिव्य बंधन, सफलता के बाद की शांति और वह भक्ति जो बाधाओं को भी अवसर बना देती है।"

स्वामी ग्रह

शनि (Saturn)

अधिपति देवता

मित्र (Mitra)

प्रतीक

कमल का फूल

राशि

वृश्चिक (Scorpio)

17

१. अनुराधा: प्रतिकूलता में भी खिलने वाला कमल

अनुराधा नक्षत्र का अर्थ है "राधा के पीछे आने वाला" या "बाद की सफलता"। यह नक्षत्र वृश्चिक राशि के हृदय में स्थित है। इसका प्रतीक 'कमल का फूल' है, जो कीचड़ (चुनौतियों) में पैदा होकर भी अपनी पवित्रता और सौंदर्य बनाए रखता है।

देवता मित्र: इसके अधिपति देवता मित्र हैं। मित्र देवता सहयोग, सद्भावना और अटूट मित्रता के स्वामी हैं। इसी कारण अनुराधा जातक दुनिया के सबसे बेहतरीन मित्र और नेटवर्क बनाने वाले होते हैं।

॥ चारों चरणों का आध्यात्मिक फल ॥

प्रथम चरण (सिंह नवांश)

स्वामी: सूर्य | प्रभाव: राजसी भक्ति

यहाँ जातक में गहरा आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता होती है। जातक अपने धर्म और परिवार के लिए बहुत गौरवान्वित होता है।

द्वितीय चरण (कन्या नवांश)

स्वामी: बुद्ध | प्रभाव: गणनात्मक सेवा

जातक बहुत ही बुद्धिमान और तार्किक होता है। वह अपने कौशल का प्रयोग दूसरों की सेवा और सहायता के लिए करता है।

तृतीय चरण (तुला नवांश)

स्वामी: शुक्र | प्रभाव: सामाजिक संतुलन

यह चरण संगीत, कला और शांति का है। जातक समाज में संतुलन बनाने वाला और बहुत ही मिलनसार होता है।

चतुर्थ चरण (वृश्चिक नवांश)

स्वामी: मंगल | प्रभाव: गुप्त साधना

यह सबसे तीव्र और आध्यात्मिक चरण है। जातक तंत्र, गुप्त विज्ञान और गहरी ईश्वर भक्ति में लीन रहता है।

३. करियर: विश्व व्यापी सफलता का मार्ग

कूटनीति एवं संगठन

विदेशी संबंध, राजदूत और बड़ी टीम का प्रबंधन करने में ये माहिर होते हैं।

संगीत एवं सूक्ष्म कला

ये जातक संगीतकार और वाद्य यंत्रों के कलाकार बनते हैं।

चिकित्सा एवं विज्ञान

ये जातक महान शल्य चिकित्सक और शोधकर्ता बनते हैं।

४. नक्षत्र वृक्ष: मौलसिरी (Bakul Tree)

अनुराधा नक्षत्र का पवित्र वृक्ष मौलसिरी (बकुल) है। इसकी सुगंध अनुराधा जातक की लंबी चलने वाली मित्रता का प्रतीक है।

॥ अनुराधा नक्षत्र महा-उपचार ॥

🕯️ हनुमान चालीसा: शनि को शांत करने का सर्वोत्तम मार्ग है।

🕉️ बीज मंत्र: "ॐ अनुराधा नक्षत्राय नमः" का १०८ बार जाप करें।